खुद को री-चार्ज करें।
जीवन में आने वाली छोटी से छोटी खुशियों की कल्पना करें।
मेडिटेशन, शॉपिंग और अपनी दूसरी रुचियों को बढ़ावा देकर भी आप खुश रह सकते हैं।
इसके अलावा आप अपनी कुछ आदतों और तरीकों में बदलाव लाकर भी अपने दुख और परेशानी को दूर सकते हैं। जब भी आपको यह लगे कि एक ही समय में आपकी जरूरत दो जगह पर है तो ऐसी परिस्थिति में कतई निराश न हों बल्कि ऐसे समय में अपने किसी दोस्त व परिवार वाले की मदद ले सकते हैं।
अक्सर लोगों को यह लगता है कि प्यार जताने की जरूरत नहीं होती है मगर हकीकत में समय-समय पर अपने चाहने वालों को यह बताते रहना चाहिए कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं। आपके जीवन में उनका क्या महत्व है। इससे आपकी डगमग होती गाड़ी भी वापस पहिए पर चलने लगेगी। प्यार आपको खुशी का अहसास देता है और जब आप अपने प्यार का इजहार करते हैं तो सामने वाला भी खुश होता है और आप भी।
अपने काम में कोताही न करें।
घर हो या बाहर अपने काम में कोई कोताही न करें। ऑफिस में अपने टीम के किसी सदस्य से रूखा व्यवहार न करें। अपने प्रोफेशनलिज्म के साथ समझौता न करें। वाद-विवाद से दूर रहने का प्रयास करें। ऑफिस के उन लोगों से बातचीत सीमित रखें जो आपके स्तर के नहीं है। शारीरिक व्यायाम के अलावा टीवी देखकर और किताबें पढ़कर भी आप दिमाग को विषम परिस्थितियों से दूर रख सकते हैं। इसके अलावा फल-फूल, सब्जी और सलाद खाकर भी खुद को तंदुरुस्त रख सकते हैं।

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